परमाणु ऊर्जा का भविष्य’ !

नई दिल्लीः नाभिकीय ऊर्जा से संबंधित गलत धारणाओं को दूर करने के लिए और ऊर्जा के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आदर्श बाल विद्यालय, गली नं. 4, इंदिरा एन्क्लेव खजानी नगर, दिल्ली में छात्रों के लिए चित्रकारी प्रतियोगिता आयोजित की गई थी। प्रतियोगिता का विषय था ‘‘परमाणु ऊर्जा का भविष्य’’ और यह प्रतियोगिता न्यूक्लियर पॉवर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, भारत सरकार का उपक्रम की ओर से आयोजित कि गई थी। इस प्रतियोगिता में लगभग 172 छात्रों ने हिस्सा लिया। गणमान्य व्यक्तियों ने इस प्रतियोगिता का परीक्षण किया। विजेता छात्रों के नाम हैः प्रथम विजेता- तान्या कुमारी-6 वी द्वितीय विजेता - काजल रानी - 8वीं इस अवसर पर स्कूल मुख्य अध्यापक श्री रघुवेन्द्र नारायण ने कहा कि बच्च़ों की भावनाएं उनकी रचनात्मकता का संकेत हैं। बड़ी सृजनता से बच्च़ों ने ऊर्जा का महत्व दिखाया और यह भी साबित किया कि नाभिकीय ऊर्जा से बिजली का निर्माण पर्यावरण को किसी भी प्रकार की हानि नहीं पहुंचाता। उन्होंने विजेता छात्रों को पुरस्कार से सम्मानित किया। परीक्षकों ने भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले छात्रों के कार्य को सराहा और कहा कि इससे विज्ञान और ऊर्जा के प्रति जागरूकता और बढ़ेगी। इस अवसर पर छात्रों के बीच बुधिया-एक काल्पनिक पात्र जो गांव वालों को परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने में समर्थन देने के लिये प्रेरित करता है- की कॉमिक्स का वितरण किया गया। इस पात्र का निर्माण श्री अमृतेश श्रीवास्तव, मीडिया प्रबंधक, एनपीसीआईएल ने किया हैा और अपनी सरलता एवम प्रभावशीलता के कारण यह पहल कई सारे पुरस्कार प्राप्त कर चुकी है। इस पात्र पर आधारित 3 भागों वाली एक एनिमेटेड फिल्म भी इस अवसर पर दिखाई गयी। भारत के कई राज्यों में, नाभिकीय ऊर्जा के प्रति लोगों में फैली गलतफहमी दूर करने और स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। भारत में, वर्तमान में परमाणु ऊर्जा निर्माण क्षमता 5780 मेगावाट है तथा वर्ष 2023 तक इस क्षमता को 13000 मेगावट तक ले जाने की योजना है।

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