
पुलिस के अनुसार, सोनम ने राज कुशवाहा को ₹50,000 दिए थे, ताकि वह और उसके तीन साथी शिलॉन्ग यात्रा कर सकें। इस यात्रा का उद्देश्य राजा की गतिविधियों की निगरानी करना था। राजा की हत्या के बाद, सोनम ने गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में आत्मसमर्पण
इस मामले में पुलिस ने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान शामिल हैं। इन साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि सोनम और उसके प्रेमी ने मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।
हाँ, रिपोर्ट्स के अनुसार सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी। यह हत्या शिलॉन्ग, मेघालय में हुई, जहाँ राजा और सोनम कथित तौर पर हनीमून पर गए थे।
इस केस की मुख्य बातें:
- सोनम ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उसने अपने प्रेमी राज कुशवाहा को ₹50,000 दिए थे।
- इस पैसे से राज और उसके तीन साथी शिलॉन्ग पहुंचे ताकि राजा की गतिविधियों पर नजर रख सकें और हत्या को अंजाम दे सकें।
- हत्या के बाद, सोनम ने गाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश) में आत्मसमर्पण किया।
- पूछताछ के दौरान वह भावुक हो गई और पुलिस के सामने रो पड़ी।
- पुलिस ने राज कुशवाहा समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
- सबूतों में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान शामिल हैं।
- पुलिस ने बताया कि सोनम का पुलिस के सामने किया गया कबूलनामा कोर्ट में तभी मान्य होगा जब वह मजिस्ट्रेट के सामने दिया जाए (IPC धारा 25 के अनुसार)।
हालांकि, भारतीय दंड संहिता की धारा 25 के तहत पुलिस के सामने दी गई कबूलनामे को अदालत में प्रमाण के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है। ऐसे कबूलनामे को मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया जाना आवश्यक होता है।
यह मामला समाज में विवाह, विश्वासघात और अपराध की जटिलताओं को उजागर करता है। पुलिस की तत्परता और जांच के परिणामस्वरूप इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश हुआ है।






